Universal Research and Academic Journal

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VOL.: 2 ISSUE.: 2 (February 2026)

बारां जिले भूमि उपयोग एवं कृषि आधारित उद्योग

Author(s): Neha Sharma and Dr. Renu

Abstract:

बारां जिले के भूमि उपयोग के अन्तर्गत परिवर्तन की प्रकृति पायी गयी है, इसमे सुविधाओं एवं सकारात्मक कारकों ने वृद्धि को इंगित किया है। जिससे क्षेत्र की विशेष पहचान बनी है वही दूसरी और प्रतिकूल कारकों एवं नकारात्मक पहलूओं के कारण कमी भी हुई है। जिसे सुधारने की आवश्यकता है, इसमें विशेष रूप् से वन क्षेत्रों में वृद्धि करना बहुत आवश्यक है। जिससे पर्यावरणीय सन्तुलन बना रहे साथ ही कृषि पर दबाव कम हो और वन आधारित उद्योगों का विकास भी आवश्यक है। इसी प्रकार कृषि योग्य भूमि के विभिन्न वर्गों को नियोजित करने की आवश्यकता है जिससे भूमि उत्पादन क्षमता बनी रहे तथा कृषि की गहनता को स्थिर रखते हुए कुषि भूमि को प्रबन्धन भी आवश्यक है। जिसमें कृषि एवं ग्रामीण रोजगार को विकसित करना आवश्यक है। जिससे बारां जिले का सन्तुलित विकास हो सकता है।

Keywords: भूमि उपयोग, प्रवृत्ति, प्रबन्धन, कृषि, प्रतिशत, कमी वृद्धि, फसले, तालिका

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